• सत्यदेव प्रसाद

    सत्यदेव प्रसाद भारत के एक एथलीट हैं। वह तीरंदाजी में प्रतिस्पर्धा प्राप्त कर चुके है। प्रसाद जी ने 2004 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में पुरुषों की व्यक्तिगत तीरंद...

  • जैक लीच

    मैथ्यू जैक लीच एक अंग्रेजी क्रिकेटर है जो समरसेट काउंटी क्रिकेट क्लब और इंग्लैंड के लिए खेलते हैं। एक स्पिन गेंदबाज, वह बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाजी...

  • विजय शंकर (क्रिकेटर)

    विजय शंकर एक भारतीय क्रिकेटर है जो भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए खेलते हैं। वह एक ऑलराउंडर है जो दाएं हाथ से बल्लेबाजी करता है और दाएं हाथ की मध्यम गति...

  • प्रियांक पांचाल

    प्रियांक किरीटभाई पांचाल एक भारतीय क्रिकेटर हैं। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज हैं, जो गुजरात के लिए खेलते हैं। उनका जन्म अहमदा...

  • क्रेग ओवरटन

    क्रेग ओवरटन एक अंग्रेजी क्रिकेटर है जो समरसेट काउंटी क्रिकेट क्लब के लिए खेलते हैं। वह एक ऑल-राउंडर हैं जो दाएं हाथ के मध्यम-तेज गेंदबाजी करते हैं और दाएं हा...

  • ओलम्पिक खेल

    ओलम्पिक खेल hi प्रतियोगिताओं में अग्रणी खेल प्रतियोगिता है जिसमे हज़ारों एथेलीट कई प्रकार के खेलों में भाग लेते हैं। ओलम्पिक की शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन प्र...

  • धनुर्विद्या

    किसी निश्चित लक्ष्य पर धनुष की सहायता से बाण चलाने की कला को धनुर्विद्या कहते हैं। विधिवत् युद्ध का यह सबसे प्राचीन तरीका माना जाता है। धनुर्विद्या का जन्मस्...

  • टेनिस

    टेनिस खेल 2 टीमों के बीच गेंद से खेले जाने वाला एक खेल है जिसमें कुल 2 खिलाडी या ४ खिलाड़ी होते हैं। टेनिस के बल्ले को टेनिस रैकट और मैदान को टेनिस कोर्ट कहत...

  • ट्रायथलन

    ट्रायथलन एक बहु-खेल प्रतिस्पर्धा हैं जिसमें तीन सतत और अनुक्रमिक सहनशक्ति की प्रतिस्पर्धाओं को पूरा करना शामिल होता है। हालांकि खेल के कई रूप मौजूद हैं, परन्...

  • हैंडबॉल

    हैंडबॉल एक टीम खेल है जिसमें सात खिलाड़ियों की दो टीमें आपस में खेलती हैं। खिलाड़ियों का उद्देश्य विरोधी टीम के गोल में बॉल फ़ेकना होता है। सात खिलाड़ियों मे...

  • जिम्नास्टिक्स

    कसरती खेल या व्यायाम विद्या जिम्नास्टिक्स एक खेल है जिसमें संतुलन, शक्ति, लचीलापन, और नियन्त्रण आदि की आवश्यकता होती है। एक जिम्नास्ट एक मजबूत शरीर की जरूरत ...

  • जूडो

    जूडो डॉ कानो जिगोरो द्वारा 1882 में जापान में बनाया गया एक आधुनिक जापानी मार्शल आर्ट और लड़ाकू खेल है। इसकी सबसे प्रमुख विशेषता इसका प्रतिस्पर्धी तत्व है, जि...

  • घुड़सवारी

    घुड़सवारी एक प्रकार की कला है, जिसमें व्यक्ति घोड़े पर बैठ कर सवारी करता है। इसमें उसे दिशा निर्देश देना और बिना गिरे उसकी सवारी करना ही इसमें एक कला का रूप ...

  • गॉल्फ़

    गॉल्फ़ गेंद और क्लब से खेला जाने वाला एक व्यक्तिगत खेल है जिसमें खिलाड़ी तरह-तरह के क्लबों का प्रयोग करते हुए गॉल्फ़ के मैदान में दूरी पर स्थित एक छेद में गे...

  • मुक्केबाज़ी

    मुक्केबाज़ी लड़ाई का एक खेल और एक मार्शल कला है, जिसमें दो लोग अपनी मुट्ठियों का प्रयोग करके लड़ते हैं। विशिष्ट रूप से मुक्केबाज़ी का संचालन एक-से तीन-मिनटों...

  • बास्केटबॉल

    बास्केटबॉल एक टीम खेल है, जिसमें 5 सक्रिय खिलाड़ी वाली दो टीमें होती हैं, जो एक दूसरे के खिलाफ़ एक 10 फुट ऊंचे घेरे में, संगठित नियमों के तहत एक गेंद डाल कर ...

  • फुटबॉल

    एसोसिएशन फुटबॉल जिसे आमतौपर सिर्फ फुटबॉल या सॉकर कहा जाता है, दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है। यह एक सामूहिक खेल है और इसे ग्यारह खिलाड़ियों के दो...

  • राष्ट्रमण्डल खेल

    एशली कूपर वे प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने सदभावना को प्रोत्साहन देने और पूरे ब्रिटिश राज के अंदर अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए एक अखिल ब्रितानी खेल कार्यक्रम आय...

  • बेसबॉल

    बेसबॉल 1846 में इंग्लैंड में सबसे पहले खेला गया था, लेकिन इसको वास्तविक रूप कुछ परिवर्तन के साथ उत्तरी अमेरिका ने दिया। 19वीं शताब्दी के अंत में यह संयुक्त र...

तलवारबाजी

पहले जब तलवार से लड़ाई हुआ करती थी तब सभी योद्धाओं में तलवार से लड़ सकने की योग्यता आवश्यक थी। अब तलवार की नकली लड़ाई हो रही है जो भारत में मुहर्रम आदि त्योहारों पर दिखाई पड़ती है, परंतु विदेशों में यह नकली लड़ाई भी बढ़िया खेल के रूप में परिवर्तित हो गई है, जिसे अंग्रेजी में फ़ेसिंग कहते हैं और हिन्दी में असिक्रीडा कह सकते हैं।
यह शब्द वस्तुत: अंग्रेजी "डिफेंस" से निकला है, जिसका अर्थ है रक्षा। पहले दो व्यक्तियों में गहरा मनमुटाव हो जाने पर न्याय के लिए वे इस विचार से तलवार से लड़ पड़ते थे कि ईश्वर उसकी रक्षा करेगा जिसके पक्ष में धर्म है। इस प्रकार का द्वंद्वयुद्ध डुएल तभी समाप्त होता था जब एक को घातक चोट लग जाती थी। परंतु प्राय: सभी देशों की सरकारों ने द्वंद्वयुद्ध को दंडनीय घोषित कर दिया। इसलिए फ़ेसिंग में लड़ने की रीतियाँ तो वे ही रह गईं जो द्वंद्वयुद्ध में प्रयुक्त होती थीं, परंतु अब प्रतिद्वंद्वी को असि तलवार से छू भर देना पर्याप्त समझा जाता है। प्रतिद्वंद्वी को असि से छू दिया जाए और स्वयं उसकी असि से बचा जाए, फ़ेसिंग का कुल खेल इतना ही है। इन दिनों भी फ़ेसिंग बहुत अच्छा खेल समझा जाता है और ओलम्पिक खेलों में उसे देखें फ़ेसिंग प्रतियोगिता अवश्य होती है।

1. प्रकार
फ़ेसिंग में तीन तरह के यंत्रों का प्रयोग होता है। प्रत्येक की प्रतिद्वंद्विता अलग-अलग होती है और इनसे खेलने का ढंग भी बहु कुछ भिन्न होता है। प्रत्येक शस्त्र के लिए अलग शिक्षा लेनी पड़ती है और अभ्यास करना पड़ता है। इन यंत्रों के नाम हैं फ़्वायल फ़ायल, एपे epee और सेबर।
फ़्वायल, किरच की तरह का यंत्र है जिसका फल पतला, लचीला और 34 इंच लंबा होता है। कुल तौल नौ छटांक होती है। यह कोंचने का यंत्र है, परंतु प्रतियोगिताओं में नोंक पर बटन लगा दिया जाता है, जिसमें प्रतिद्वंद्वी घायल न हो। खेल में चकमा देना निशाना कहीं और का लगाना तथा मारना कहीं और, विद्युद्गति से अचानक मारना, बचाव और प्रतयुत्तर रिपाँचस्ट, ऐसी चाल कि प्रतिद्वंद्वी का वार खाली जाए और अपना उसे लग जाए ये ही विशेष दांव हैं। इस खेल में बड़ी फुरती और हाथ पैर का ठीक-ठीक साथ चलाना इन्हीं दोनों की विशेष आवश्यकता रहती है; बल की नहीं। इसलिए इस खेल में स्त्रियाँ भी मर्दों को हराती देखी गई हैं। फ़्वायल की नोक प्रतिद्वंद्वी को चौचक लगनी चाहिए। केवल धड़ पर चोट की जा सकती है। पाँच बार छू जाने पर व्यक्ति हार जाता है स्त्रियों की प्रतियोगिता में चार बार पर्याप्त है।
एपे ए ह्रस्व, पे दीर्घ तिकोना होता है, फ़्वायल से भारी होता है और इसका मुष्टिकासरंक्षक बड़ा होता है। इसकी नोकवाले बटन पर लाल रंग में डुबाई हुई मोम की कीलें लगी रहती हैं जिनके लगते ही कपड़ा रंग जाता है। इससे निर्णायकों को सुगमता होती है। प्रतिद्वंद्वियों का श्वेत वस्त्र धारण करना अनिवार्य होता है। अब बहुधा एपे में विद्युत् तार लगा रहता है जिससे प्रतिद्वंद्वी के छू जाने पर घंटी बजती है और बत्ती जलती है; धड़, हाथ, पैर, सिर कहीं भी चोट की जा सकती है। तीन बार चोट खाने पर व्यक्ति हार जाता है।
सेबर तलवार की तरह होता है। इससे कोंचते भी हैं, काटते भी हैं। यह फ़्वायल से थोड़ा ही अधिक भारी होता है। इससे सिर, भुजाओं और धड़ पर चोट धड़ पर चोट की जा सकती है। जो व्यक्ति पाँच बार प्रतिद्वंद्वी को पहले मार दे वह जीतता है, चाहे कोंचकर मारे, चाहे काटने की चाल से। इसका खेल अधिक दर्शनीय होता है। चौकन्ना खड़ा होना यह सेबर की लड़ाई है। दाहिनी ओर के प्रतिद्वंद्वी ने अपने सेबर का प्रयोग करके असपने को बचाना चाहा, परंतु बचा न सका। साफ बचा! प्रत्युत्तर बाई ओर के प्रतिद्वंद्वी ने अपने बाईं ओर के खिलाड़ी ने अपने को बचा तो लिया, परंतु प्रत्यु- को बचा ही नहीं लिया, बचाने त्तर न दे सका के साथ-साथ प्रतिद्वंद्वी को मार भी दिया।

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में तलवारबाजी

एथेंस में 1896 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में आधुनिक ओलंपिक आंदोलन के जन्म के बाद से प्रत्येक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में तलवारबाजी मुकाबला हुआ है। 1924 ओलंपिक खे...

सिकंदर बेगम

सिकंदर बेगम भोपाल रियासत की दूसरी महिला शासक था. पहली महिला शासक उनकी माँ कुदसिया बेगम थे. जुलाई 1817 - 30 अक्टूबर 1868) 1860 से 1868 तक भोपाल के नवाब थे. जो...